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General Awareness Notes

Prehistoric Period Notes in Hindi (प्रागैतिहासिक काल) for SSC

Rahul Kumar

SSC Exam Expert & Content Editor

Updated 03 Oct 2026

PDF Notes: Prehistoric Period Notes in Hindi (प्रागैतिहासिक काल) for SSC

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प्रागैतिहासिक काल प्राचीन भारतीय इतिहास का पहला अध्याय है और SSC परीक्षाओं में बहुत स्कोरिंग टॉपिक है। प्रश्न अक्सर सीधे होते हैं: किसी युग का नाम, प्रसिद्ध स्थल और उसका राज्य, tools का प्रकार या पहली खोज। इन नोट्स में पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण और ताम्रपाषाण युगों को तुलना तालिकाओं, महत्वपूर्ण स्थलों और अभ्यास प्रश्नों के साथ पूरे अध्याय के सार के रूप में समझाया गया है।

Prehistory क्या है?

  • प्रागैतिहास वह काल है जो लेखन की खोज से पहले का है, जिसके लिए हम केवल पुरातात्विक साक्ष्यों (tools, हड्डियाँ, बर्तन, शवाधान, चित्र) पर निर्भर हैं।
  • आद्य-इतिहास वह संक्रमण काल है जब लेखन था लेकिन अब तक पढ़ा नहीं जा सका, जैसे हड़प्पा सभ्यता।
  • इतिहास उस काल से शुरू होता है जिसके पढ़े जा सकने वाले लिखित साक्ष्य उपलब्ध हैं।
  • पुरातत्व प्राचीन अवशेषों का अध्ययन है, और मानवशास्त्र मानव और उसकी संस्कृतियों का अध्ययन।

Stone Age के Divisions: एक नज़र में

युगलगभग कालEconomy और जीवनtools
पुरापाषाण (पुराना पत्थर युग)लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व से लगभग 10,000 ई.पू.शिकार और भोजन संग्रह; घुमंतू; गुफाओं में निवास; Fire की खोजअपरिष्कृत क्वार्टज़ाइट tools: हस्त-कुठार, विदारणी, चॉपर, फलक, ब्लेड
मध्यपाषाण (मध्य पत्थर युग)लगभग 10,000 से 6,000 ई.पू.शिकार, मछली पकड़ना, भोजन संग्रह; पशुपालन की शुरुआतमाइक्रोलिथ (छोटे tools), धनुष-बाण
नवपाषाण (नया पत्थर युग)लगभग 6,000 से 1,000 ई.पू. (मेहरगढ़ में पहले)कृषि, पशुपालन, मृद्भांड, स्थायी गाँवपॉलिश किए पत्थर के tools (सेल्ट), हड्डी के tools
ताम्रपाषाण (ताँबा-पत्थर युग)लगभग 3,000 से 700 ई.पू.कृषि गाँव, ताँबे का प्रयोग, चित्रित मृद्भांडताँबे और पत्थर के tools
लौह युगलगभग 1,500-1,000 ई.पू. सेलोहे के tools, बड़ी बस्तियाँ, चित्रित धूसर मृद्भांडलोहे के हथियार और tools

नोट: अलग-अलग पुस्तकों में तिथियाँ थोड़ी भिन्न मिलती हैं। युगों का क्रम और उनकी विशेषताएँ याद रखें, परीक्षा में यही पूछा जाता है।

पुरापाषाण युग (Palaeolithic Age)

  • लोग Hunter-Gatherers थे, गुफाओं, शैलाश्रयों और नदी तटों पर रहते और एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते थे।
  • Fire की खोज हुई। खेती, मिट्टी के बर्तन और स्थायी घर नहीं थे। tools कठोर पत्थर, मुख्यतः क्वार्टज़ाइट के बनते थे, इसलिए इन्हें क्वार्टज़ाइट मानव भी कहते हैं।
  • भारत का पहला पुरापाषाणिक tools रॉबर्ट ब्रूस फुट ने पल्लावरम (चेन्नई के पास) में 1863 में खोजा।
  • कुत्ता संभवतः सबसे पहला पालतू पशु था (उत्तर पुरापाषाण और मध्यपाषाण में)।

Palaeolithic Age के तीन Phases

चरणtoolsप्रमुख स्थल और संस्कृतियाँ
निम्न पुरापाषाणहस्त-कुठार, विदारणी, चॉपरसोहन घाटी (पंजाब, पाकिस्तान), अत्तिरमपक्कम और पल्लावरम (तमिलनाडु), हुंसगी (कर्नाटक), बेलन घाटी (उत्तर प्रदेश), नर्मदा घाटी
मध्य पुरापाषाणफलक tools: खुरचनी, छेदनी, नुकीले toolsनेवासा (महाराष्ट्र, प्रवरा नदी), डीडवाना (राजस्थान), भीमबेटका
उच्च पुरापाषाणब्लेड, बुरिन; हड्डी के tools; आधुनिक मानव (होमो सेपियंस)भीमबेटका (मध्य प्रदेश), रेनीगुंटा (आंध्र प्रदेश), बेलन घाटी, कुरनूल की गुफाएँ
  • हथनोरा (नर्मदा घाटी, मध्य प्रदेश): 1982 में अरुण सोनाकिया को प्राचीन होमो सेपियंस की खोपड़ी मिली।
  • भीमबेटका: लाल और सफेद रंगों के शैलचित्र; वी.एस. वाकणकर ने 1957 में खोजा; 2003 से यूनेस्को विश्व धरोहर।
  • उच्च पुरापाषाण के गुफा चित्रों में बाइसन, गैंडा, बाघ जैसे पशु और शिकार के दृश्य मिलते हैं।

मध्यपाषाण युग (Mesolithic Age)

  • यह पुरापाषाण और नवपाषाण के बीच का संक्रमण काल है। हिमयुग के बाद जलवायु गर्म हो गई।
  • प्रमुख tools माइक्रोलिथ (छोटे, तेज़ पत्थर के tools) हैं जिन्हें हत्थों में जड़ा जाता था। धनुष-बाण का प्रयोग शुरू हुआ।
  • लोग शिकार, मछली पकड़ने और भोजन संग्रह के साथ पशुपालन भी करने लगे। आदमगढ़ (मध्य प्रदेश) और बागोर (राजस्थान) के प्रमाण भारत में सबसे प्राचीन हैं।
  • सराय नाहर राय और महदहा (उत्तर प्रदेश) में शवाधान और मानव कंकाल मिले हैं। महदहा में एक पुरुष और स्त्री साथ दफन मिले।
  • लंघनाज (गुजरात), बागोर (राजस्थान) और भीमबेटका के Rock Shelters अन्य महत्वपूर्ण स्थल हैं।
  • चित्रों में शिकार, सामूहिक नृत्य, प्रसव, पशुओं की लड़ाई और सवारी के दृश्य अधिक जीवंत शैली में दिखते हैं।

नवपाषाण युग (Neolithic Age)

  • कृषि और स्थायी जीवन की शुरुआत। गेहूँ, जौ, चावल और बाजरा उगाए गए तथा गाय, भेड़, बकरी पाली गई।
  • पॉलिश किए हुए पत्थर के tools (सेल्ट और कुल्हाड़ी) और हाथ से बने मृद्भांड बने। चाक से बने बर्तन बाद में आए। हड्डी के tools भी प्रयोग हुए।
  • लोग मिट्टी और सरकंडे की झोपड़ियों तथा गर्त-निवासों में रहते थे। खाना पकाने में Fire का प्रयोग और कपड़ा बुनना शुरू हुआ।
  • पुरातत्वविद् वी. गॉर्डन चाइल्ड ने इसे नवपाषाण क्रांति कहा।
क्षेत्रस्थलविशेषता
उत्तर-पश्चिममेहरगढ़ (बलूचिस्तान, पाकिस्तान)दक्षिण एशिया का सबसे प्राचीन कृषि गाँव, लगभग 7000 ई.पू.; गेहूँ, जौ, कपास
कश्मीरबुर्जहोम, गुफ्करालगर्त-निवास; मालिकों के साथ कुत्तों का शवाधान; हड्डी के tools; गुफ्कराल का अर्थ कुम्हार की गुफा
उत्तर प्रदेशकोल्डिहवा, महागरा (बेलन घाटी)चावल का सबसे प्राचीन प्रमाण, लगभग 6000 ई.पू.; महागरा में पशु बाड़े
बिहारचिरांद, चेचरबड़ी संख्या में हड्डी के tools; चावल
कर्नाटकमस्की, ब्रह्मगिरि, पिकलीहल, टेक्कलकोटा, संगनकल्लूउत्नूर और पिकलीहल में राख के टीले (पशु बाड़े); मस्की में सोने की खुदाई
असम और पूर्वोत्तरदाओजली हेडिंगकंधेदार सेल्ट और कुदाल; गारो पहाड़ियों के स्थल
आंध्र प्रदेशनागार्जुनकोंडा, उत्नूरप्रारंभिक कृषि

ताम्रपाषाण युग (Chalcolithic Age)

  • ताँबा मनुष्य द्वारा प्रयोग की गई पहली धातु थी। काँसा (ताँबा और टिन) बाद में आया। पत्थर के tools भी चलन में रहे।
  • लोग मध्य और पश्चिम भारत की पहाड़ियों और नदी घाटियों में गाँवों में रहते थे। वे गेहूँ, जौ, चावल, दालें उगाते और गाय, भेड़, बकरी, सूअर पालते थे। उन्हें लोहे के हल का ज्ञान नहीं था।
  • प्रसिद्ध काले-लाल मृद्भांड और चित्रित मृद्भांड मिलते हैं। मृतकों को घर के फर्श के नीचे दफनाया जाता था; महाराष्ट्र में प्रायः उत्तर-दक्षिण दिशा में।
  • अधिकांश स्थानों पर पक्की ईंटों का ज्ञान नहीं था और घोड़े का प्रयोग नहीं होता था।
संस्कृतिक्षेत्र / स्थलटिप्पणी
अहाड़-बनासराजस्थान (अहाड़, गिलुंड)ताँबा गलाना; पत्थर और कच्ची ईंट के मकान; अहाड़ को ताम्बवती (ताँबे की जगह) भी कहते हैं
कायथामध्य प्रदेश (कायथा)मालवा की सबसे प्राचीन ताम्रपाषाणिक संस्कृति; हड़प्पा की समकालीन
मालवानवदाटोली (नर्मदा), एरणमालवा की सबसे बड़ी ताम्रपाषाणिक बस्ती; सबसे अच्छे मृद्भांड
जोरवेमहाराष्ट्र (जोरवे, नेवासा, इनामगाँव, दायमाबाद)इनामगाँव बड़ा किलाबंद गाँव; दायमाबाद से रथ सहित काँसे की वस्तुएँ
सावल्दामहाराष्ट्र (धुले)महाराष्ट्र की सबसे प्राचीन ताम्रपाषाणिक संस्कृति
प्रभास, रंगपुरगुजरातउत्तर हड़प्पा प्रभाव

भारत की Rock Art

  • भीमबेटका (मध्य प्रदेश) में भारत में चित्रों वाले सबसे अधिक Rock Shelters हैं।
  • अन्य शैल कला स्थल: लखुडियार (उत्तराखंड), कुपगल्लु और पिकलीहल (कर्नाटक), एडक्कल (केरल) और मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)।
  • मुख्य रंग लाल (हेमेटाइट) और सफेद थे। विषय थे: शिकार, नृत्य, पशु, युद्ध और पारिवारिक जीवन।

Quick Comparison और Memory Tricks

  • Fire की खोज पुरापाषाण में। पहिया और मृद्भांड नवपाषाण में। ताँबा ताम्रपाषाण में। लोहा लौह युग में।
  • माइक्रोलिथ = मध्यपाषाण। पॉलिश किया सेल्ट = नवपाषाण। ताँबा + पत्थर = ताम्रपाषाण।
  • पहला पालतू पशु: कुत्ता। पहली धातु: ताँबा। मेहरगढ़ की पहली फसल: गेहूँ और जौ। चावल का सबसे पुराना प्रमाण: कोल्डिहवा।
  • क्रम याद रखने का सूत्र: पु-म-न-ता-लौ (पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, ताम्रपाषाण, लौह)।

Practice Questions (Answers के साथ)

  1. भारत में पहला पुरापाषाणिक tools किसने खोजा? Answer: रॉबर्ट ब्रूस फुट
  2. माइक्रोलिथ किस युग से संबंधित हैं? Answer: मध्यपाषाण युग
  3. भारत में चावल की खेती का सबसे प्राचीन प्रमाण किस स्थल से मिला? Answer: कोल्डिहवा
  4. कश्मीर का कौन-सा नवपाषाणिक स्थल गर्त-निवासों के लिए प्रसिद्ध है? Answer: बुर्जहोम
  5. मनुष्य द्वारा प्रयोग की गई पहली धातु कौन-सी थी? Answer: ताँबा
  6. भीमबेटका के Rock Shelters किस राज्य में हैं? Answer: मध्य प्रदेश
  7. Fire की खोज किस युग में हुई? Answer: पुरापाषाण युग
  8. इनामगाँव किस संस्कृति से संबंधित है? Answer: जोरवे संस्कृति (ताम्रपाषाण)
  9. आदमगढ़ और बागोर किसके लिए प्रसिद्ध हैं? Answer: पशुपालन के प्रारंभिक साक्ष्य
  10. नवपाषाण क्रांति शब्द किसने दिया? Answer: वी. गॉर्डन चाइल्ड

अब सिंधु घाटी सभ्यता के नोट्स पढ़ें और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों से अभ्यास करें। इसका अंग्रेज़ी संस्करण भी उपलब्ध है।

Frequently Asked Questions (FAQ)

प्रागैतिहासिक काल से क्या अभिप्राय है?

प्रागैतिहासिक काल वह समय है जब लेखन की खोज नहीं हुई थी। इसकी जानकारी हमें केवल पुरातात्विक अवशेषों जैसे पत्थर के tools, हड्डियाँ, मिट्टी के बर्तन, शवाधान और गुफा चित्रों से मिलती है। भारत में इसमें पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण और ताम्रपाषाण युग आते हैं।

पाषाण युग के मुख्य विभाजन कौन-से हैं?

पाषाण युग को पुरापाषाण (पुराना पत्थर युग), मध्यपाषाण (मध्य पत्थर युग) और नवपाषाण (नया पत्थर युग) में बाँटा जाता है। इसके बाद ताम्रपाषाण (ताँबा-पत्थर) युग और फिर लौह युग आता है।

भारतीय प्रागैतिहास का जनक किसे कहा जाता है?

ब्रिटिश भूवैज्ञानिक रॉबर्ट ब्रूस फुट को भारतीय प्रागैतिहास का जनक कहा जाता है। उन्होंने 1863 में चेन्नई के निकट पल्लावरम से पहला पुरापाषाणिक tools (हस्त-कुठार) खोजा।

पुरापाषाण युग की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?

लोग घुमंतू शिकारी-संग्राहक थे, गुफाओं और शैलाश्रयों में रहते थे, अपरिष्कृत (बिना चमकाए) क्वार्टज़ाइट पत्थर के tools प्रयोग करते थे, उन्होंने Fire की खोज की, पर उन्हें खेती, मिट्टी के बर्तन और स्थायी घरों का ज्ञान नहीं था।

पुरापाषाण युग में कौन-से tools प्रयोग होते थे?

निम्न पुरापाषाण में हस्त-कुठार, विदारणी (क्लीवर) और चॉपर; मध्य पुरापाषाण में फलक tools जैसे खुरचनी और छेदनी; तथा उच्च पुरापाषाण में ब्लेड और बुरिन प्रमुख थे।

माइक्रोलिथ (लघुपाषाण) क्या हैं?

माइक्रोलिथ छोटे, तेज़ पत्थर के tools होते हैं, जो प्रायः 5 सेमी से छोटे होते हैं। ये मध्यपाषाण युग की पहचान हैं और इन्हें लकड़ी या हड्डी के हत्थे में जड़कर तीर, हँसिया और भाले बनाए जाते थे।

भारत में पशुपालन का सबसे पुराना प्रमाण किस स्थल से मिला है?

मध्यपाषाण काल में मध्य प्रदेश के आदमगढ़ और राजस्थान के बागोर से पशुपालन के भारत में सबसे प्राचीन साक्ष्य मिलते हैं। कुत्ता सबसे पहले पालतू बनाया गया पशु था।

भीमबेटका का क्या महत्व है?

मध्य प्रदेश का भीमबेटका सैकड़ों शैलाश्रयों के चित्रों के लिए प्रसिद्ध है, जो पुरापाषाण से ऐतिहासिक काल तक के हैं। इनमें शिकार, नृत्य, पशु और दैनिक जीवन के दृश्य हैं। इसे 2003 में UNESCO World Heritage घोषित किया गया।

नवपाषाण युग की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?

कृषि, पशुपालन, पॉलिश किए हुए पत्थर के tools (सेल्ट), हाथ से और बाद में चाक से बने मिट्टी के बर्तन, स्थायी गाँव और सामाजिक जीवन की शुरुआत। इसीलिए इसे खाद्य-उत्पादक क्रांति कहा जाता है।

कश्मीर का कौन-सा नवपाषाणिक स्थल गर्त-निवासों के लिए प्रसिद्ध है?

कश्मीर का बुर्जहोम गर्त-निवासों और मालिकों के साथ कुत्तों को दफनाने के लिए प्रसिद्ध है। गुफ्कराल कश्मीर का एक अन्य नवपाषाणिक स्थल है।

भारत में चावल की खेती का सबसे प्राचीन प्रमाण कहाँ मिला?

उत्तर प्रदेश की बेलन घाटी के कोल्डिहवा से चावल की खेती का भारत में सबसे प्राचीन प्रमाण (लगभग 6000 ई.पू.) मिला है। बिहार का चिरांद हड्डी के औज़ारों और चावल के लिए जाना जाता है।

ताम्रपाषाण युग क्या है?

यह वह युग है जब लोग पत्थर और ताँबे दोनों के tools प्रयोग करते थे। वे गाँवों में रहते, खेती करते और चित्रित मृद्भांड बनाते थे। प्रमुख संस्कृतियाँ हैं: अहाड़-बनास, कायथा, मालवा, जोरवे और सावल्दा।

कौन-सा ताम्रपाषाणिक स्थल बड़े गाँव और घर के भीतर शवाधान के लिए प्रसिद्ध है?

महाराष्ट्र की घोड़ नदी पर इनामगाँव (जोरवे संस्कृति) सबसे बड़ी उत्खनित ताम्रपाषाणिक बस्ती है, जहाँ किलेबंदी, Granary और घरों के भीतर शवाधान मिले हैं।

मनुष्य द्वारा प्रयोग की गई पहली धातु कौन-सी थी?

भारत में सबसे पहले ताँबे का प्रयोग हुआ। बाद में काँसा (ताँबा और टिन) और फिर लोहा प्रयोग में आया।

मेहरगढ़ क्यों महत्वपूर्ण है?

बलूचिस्तान (पाकिस्तान) का मेहरगढ़ लगभग 7000 ई.पू. का नवपाषाणिक स्थल है, जहाँ गेहूँ-जौ की खेती, पशुपालन और कपास के प्रमाण मिले हैं। इसे हड़प्पा सभ्यता का पूर्ववर्ती माना जाता है।

SSC परीक्षा में प्रागैतिहासिक काल से क्या पूछा जाता है?

युगों के नाम और क्रम, tools, प्रसिद्ध स्थल और उनके राज्य, पहली खोजें, हर युग की विशेषताएँ, Cave Paintings तथा पहली फसल और पशु। इन नोट्स की तालिकाएँ इन्हीं प्रश्नों के लिए बनाई गई हैं।

About the Author

Rahul Kumar

SSC Exam Expert & Content Editor

Rahul is a senior SSC exam strategist with 8+ years of experience helping aspirants crack CGL, CHSL and MTS exams. He writes in-depth notification breakdowns, exam pattern guides and preparation strategies.